Wednesday, May 27, 2020

मेरा नाम औरंगजेब है मेरा हमेशा चर्चा रहा है

मेरा नाम औरंगजेब है मेरा हमेशा चर्चा रहा है
क्यूंकि
मैंने दीने इलाही नहीं चलायी
क्यूंकि मैं शासक हूँ, मैं ने दारा को मरवा दिया,
क्यूंकि उसने खाणे मे जहर मिलाया था
क्यूंकि मेरे हरम में रानियाँ नहीं हैं , जितनी मेरे पूरवज शौक़ से रखा करते थे.....
क्यूंकि मैंने कभी सरकारी माल से अपना पेट नहीं भरा,
खुद नमाज को टोपी शिलाकर आपण खरचा चलाता था
क्यूंकि मैं अपने साम्राज्य को काबुल से लेकर कन्याकुमारी तक फैला देना चाहता हूँ
क्यूंकि मैं अपनी बिमारी की हालत में भी देश की इत्तिहाद के लिए दौड़ता रहता हूँ
क्यूंकि पहली बार जुनुबी भारत में मैंने एक बेहद ताक़तवर मालगुजारी का बन्दोबस्त किया
. मैंने अपनी रियाया के खून पसीने की कमाई को बर्बाद नहीं कर सकता हूँ.
. क्यूंकि मुझे चीनी मिटटी के बर्तन, करोंदे और सुपारी से प्यार है
. क्यूंकि मैं हवाई, आडंबर से भरे, और चाटुकारी अदब से नफरत करता हूँ
, क्यूंकि मैंने फारसी का एक ऐसा लुगत तैयार करवाया जिससे मैं हिंदी ज़बान सीख सकूं क्यूंकि मैं वीणा बजाने में बहुत माहिर हूँ
, क्यूंकि मेरे राज में संगीत जितनी ऊंचाई को पहुंचा है उतना कभी इस देश ने देखा नहीं है
.. क्यूंकि मैंने मथुरा और बनारस के मंदिरों को बर्बाद करवा दिया क्यूंकि वहा पुजारी औरतो के साथ बलात्कार करते थे
मैंने सोमेश्वर नाथ का महादेव मंदिर, कशी विश्वनाथ मंदिर, बालाजी का मंदिर, उमानंद का मंदिर, जैन मंदिर, शुमाली हिंदुस्तान के गुरुद्वारों को अपनी जागीरें दान की हैं...
क्यूंकि मैंने मुहर्रम खान से कहा है की दुनियावी मामलों में मज़हब का कोई दखल नहीं होता
और सुलतान की आँखों में इन्साफ सबसे ऊपर होता है..
मैने चीन पे आक्रमण कर के हिंदू ओ के लिये कैलाश मान सरोवर की यात्रा का रास्ता खोला
अमरनाथ यात्रा ओ का रस्ता खोला
मेरे दरबार मे ब्राम्हण ,रजपूत और मराठा सेनापती भि थे और दरबारी प्रशासक भि
क्यूंकि मीर हसन से मैंने कहा है कि ब्रह्मपुरी पुँराना नाम था.. उसे इस्लामपुरी में तब्दील कर तुमने गलत किया है..
क्यूंकि मैंने उस गरीब ब्रह्मण के चोरी हुए शिवलिंग को अपने कड़े फरमान ज़ारी कर ढूंढवा कर दिया ..
. क्यूंकि बनारस के उस गोसाईं को परेशां करने वाले मुसलमानों के खिलाफ मैंने सख्त फरमान दिए हैं.
. इन सारे जुर्मों का मैं ऐतराफ तो करता हूँ...
लेकिन कह देता हूँ.. मुझे मुजरिम सिर्फ इसलिए करार दिया गया क्यूंकि मैं 49 साल हिंदुस्थान का बदशाह हो कर भि मैं
आम इंसांन की तरह दिन के हिसाब से हुकूमत की और
आम इंसांन की तरह ही हिंदुस्थान की मिटठी मे समाया हू
तुम लाख झूट फौलाओ लाख नफरत करो
49 साल की हुमूमत मे आवाम और हिंदूस्थान के लिये किये काम की बदोलत
हिंदूस्थांन का इतिहास झुटा साबीत कर सकता है लेकीन भुला नही सकता
क्यू की मैं हकीकत हू....
मैं औरंगजेब हू.


Wednesday, May 20, 2020

शख्सियत



जेल से रिहा होने के बाद मोहानी के पास रोजी-रोटी का कोई साधन नही था। गुजर-बसर के लिए उन्होंने स्वदेशी कपड़ों का व्यापार करने का निर्णय लिया। अलीगढ़ के मिस्टन रोड पर ‘खिलाफत स्टोर लिमिटेड’ कायम किया। जिसमें उन्होंने अर्से तक स्वदेस निर्मित कपड़े खरीद-फरोख्त करते रहे। हसरत मोहानी हिन्दुस्तान के वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने स्वदेशी कपड़ों का व्यापार किया और जनता को उसके इस्तेमाल का फायदा समझाएं।

Tuesday, May 19, 2020

जब रुह निकलती है.

जब रुह निकलती है इंसान का मुंह खुल जाता है होंठ किसी भी क़ीमत पर आपस में चिपके हुए रह नहीं सकते रुह पैर को खींचती हुई ऊपर की तरफ आती है जब फेफड़ों और दिल तक रुह खींच ले जाती है और इंसान की सांस एक ही तरफ यानी बाहर ही चलने लगती है यह वह वक़्त हो जाता है जब चंद लम्हों में इंसान शैतान और फरिश्तों को दुनिया में अपने सामने देखता है _
एक तरफ इबलीस उसके कान में कुछ मशवरे देता है तो दूसरी तरफ उसकी ज़बान उसके अमल के मुताबिक कुछ अल्फाज़ अदा करना चाहती है अगर इंसान नेक हुआ तो उसका दिमाग़ उसकी ज़बान को कलमा शहादत की हिदायत देता है _
अगर इंसान बद दीन मुशरिक या दुनिया परस्त होता है तो उसका दिमाग़ कन्फ्यूजन और एक अजीब हीबत का शिकार हो कर शैतान के मशवरे की पैरवी करता है और बहुत ही मुश्किल से कुछ अल्फाज़ ज़बान से अदा करने की भरपूर कोशिश करता है _
यह सब इतनी तेज़ी से होता है कि दिमाग़ को दुनिया की फज़ूल बातों को सोचने का मौक़ा ही नहीं मिलता इंसान की रुह निकलते हुए एक जबरदस्त तकलीफ़ ज़हन महसूस करता है लेकिन तड़प नहीं पाता क्योंकि दिमाग़ को छोड़कर बाक़ी जिस्म की रुह उसके हलक़ में इगठ्ठी हो जाती है _
और जिस्म एक गोश्त के बेजान लोथड़े की तरह पड़ा हुआ होता है _
जिस में कोई हरकत की गुंजाइश नहीं रहती _
आखिर में दिमाग़ की रुह भी खींच ली जाती है आंखें रुह को ले जाते हुए देखती है इसलिए कि आंखों की पुतलियाँ ऊपर चढ़ जाती हैं या जिस सिम्त फरिश्ता रुह क़ब्ज़ करके जाता है उस सिम्त की तरफ होती हैं _
उसके बाद इंसान की ज़िन्दगी का सफर शुरू हो जाता है जिसमें रुह तकलीफ़ों के तह खानों से लेकर आराम के महलात की आहट महसूस करने लगती है जैसा कि उससे वादा किया गया है _
जो दुनिया से गया वापस कभी लौटा नहीं
सिर्फ उसके लिए कि क्योंकि उसकी रुह आलम-ए-बरज़ख का इंतजार कर रही होती है जिसमें उसका ठिकाना दे दिया जाएगा _
इस दुनिया में महसूस होने वाली तवील मुद्दत उन रुहों के लिए चंद सेकेंड्स से ज़्यादा नहीं होगी यहां तक कि अगर कोई आज से सैकड़ों साल पहले ही क्यों न मर चुका हो _
अल्लाह सुभहान व तआला हम सबको मौत के वक़्त कलमा नसीब फरमा कर आसानी के साथ रुह क़ब्ज़ फरमा...... आमीन या रब्बुल आलमीन

Monday, May 18, 2020

*बेस्ट मोबाईल प्लॅटफॉर्म फोटो एडिटिंग ऍप्स….*


© *शकील शेख*
समजा तुम्ही आऊटडोअर इव्हेन्ट फोटोग्राफी करताय आणि ऑर्डर संपल्यावर लगेचच सध्याच्या ट्रेंड प्रमाणे पार्टीने सोशल मीडियासाठी तुमच्याकडे काही फोटोंची मागणी केली गेलीये किंवा एखादे कमर्शियल फोटो शूट संपवून प्रवासात असताना प्रेझंटेशनसाठी काही अर्जंट फोटो ताबडतोब देऊ शकता का ? अशी जर कंपनी मॅनेजर कडून विचारणा झालीये किंवा एखाद्या ट्रिप ला गेल्यावर तिथल्या साईट साईंग चे काढलेले फोटो सोशल मीडियावर शेअर करायचेत आणि या सर्व परिस्थिती मध्ये तुम्हाला फोटो एडिट करायचे आहेत पण सोबत लॅपटॉप नाहीये, अशा परिस्थितीत सापडल्यावर काय करायचं ?? ..... उत्तर सोपं आहे….. हातातल्या ‘स्मार्ट’ मोबाईल चा उपयोग करायचा..
होय ! आजच्या जमान्यातले स्मार्ट फोन चे स्पेसिफिकेशन एखाद्या कॉम्प्युटर पेक्षा कमी नाहीयेत आणि त्याच्यातील अँड्रॉईड व IOS ऑपरेटिंग सिस्टीम सुद्धा आणि एव्हढी ऍडव्हान्स झालीये कि याच्यावर कितीही क्रिटिकल ऍप्स आता सहजतेने रन होतायेत याचाच फायदा घेऊन आज अनेक सॉफ्टवेअर डेव्हलपर कंपन्यां मोबाईल वर चालणारे अँड्रॉईड व IOS सपोर्टेड प्रोफेशनल फोटो एडिटिंग ऍप्स डेव्हलप करतायेत ज्याच्यावर ऍडव्हान्स फोटो एडिटिंग करता येऊ शकते, चला तर मग! अश्याच काही, प्रत्येक फोटोग्राफरला उपयुक्त ठरू शकतील अश्या बेस्ट मोबाईल फोटो एडिटिंग ऍप्स ची आज आपण माहिती घेऊ..
*1) Adobe Lightroom* (Free, $10/Month subscription option)
फोटो एडिटिंग मध्ये विशेषतः कलर करेक्शन मध्ये आज Adobe च्या Lightroom ला कोणतीच तोड नाहीये, सन 2007 मध्ये Adobe ने लाँच केलेल्या या सॉफ्टवेअर चा वापर आज जगातील अनेक फोटो आर्टिस्ट व डिझायनर करतात, सन 2015 साली मोबाईल प्लॅटफॉर्म वर उपलब्ध झालेले Lightroom हे आपल्या पॉवरफुल फोटो एडिटिंग फीचर्स व सिम्पल इंटरफेस मुळे लाँच झाल्यापासूनच एक अत्याधिक पसंत केले जाणारे ऍप्स बनले आहे, नुकतेच Adobe ने Lightroom चे नवीन 5.2.2 हे व्हर्शन लाँच केले आहे, तसे पाहता Adobe Lightroom चे बेसिक व्हर्शन फ्री आहे पण तुम्हाला जर मल्टिपल डिव्हाईस फोटो सिंक सारखे काही ऍडव्हान्स फीचर्स हवे असतील तर मात्र तुम्हाला 10 डॉलर्स (अंदाजे 750 रुपये) प्रतिमाह चा 'फोटोग्राफी क्रिएटीव्ह क्लाउड प्लॅन' सब्स्क्रिप्शन करण्याची आवश्यकता भासू शकते..
*डाउनलोड लिंक -* https://play.google.com/store/apps/details…
*2) Adobe Photoshop Express* (Free)
फोटो एडिटिंग मध्ये आज ‘इंडस्टी स्टॅंडर्ड बनलेले’ Adobe Photoshop चे नाव माहित नाही असा फोटोग्राफर आज संपूर्ण जगात सापडणे अवघड आहे, याच Photoshop चे अँड्रॉइड / IOS व्हर्जन सुद्धा Adobe ने उपलब्ध करून दिले आहे, अर्थातच मोबाईल व्हर्शन डेस्कटॉप एव्हढे पॉवरफुल नाहीये तरी अनेक फोटो एडिटिंग टास्क करण्यासाठी Photoshop Express पुरेसं आहे, सर्वात महत्वाचे म्हणजे Adobe ने Photoshop Express फ्रि मध्ये उपलध करून दिले आहे..
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*3) Snapseed* (Free)
स्वतः ‘गुगल’ ने मोबाईल प्लॅटफॉर्म वर उपलब्ध करून दिलेले, ज्याचा मी स्वतः प्रचंड चाहता आहे, असे Snapseed ऍप आज मोबाईल फोटो एडिटिंग मध्ये एक 'मस्ट हॅव' ऍप मानले जाते, अगदी बेसिक कलर करेक्शन, क्रॉप, रिसाईझ पासून ते अगदी HDR स्केप, RGB कर्व्ह सारखे फोटो एडिटिंग टूल्स, टोनल कॉन्ट्रास्ट, विग्नेट, ड्रामा, ग्लॅमर ग्लो सारखे अनेक ऍडव्हान्स फिल्टर्स असलेले स्नॅपसीड कोणत्याही फोटो ला जबरदस्त रिजल्ट देऊ शकतात, चांगली गोष्ट म्हणजे गुगल ने ‘Snapseed’ ‘फ्रि’ मध्ये उपलध करून दिले आहे..
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*4) VSCO* (Free, Optional In-App Purchases)
फोटो एडिटिंग, विशेषतः वेगवेगळे फिल्टर वापरून फोटो ला आर्टिस्टिक क्रिएटीव्ह लूक देण्यासाठी VSCO हे ऍप आज विशेष पसंत केले जाते, फोटो ग्रेडिंग च्या विविध टूल्स सोबत ऍडव्हान्स कॅमेरा कण्ट्रोल फीचर्स हि VSCO ची खासियत आहे, VSCO चे बेसिक व्हर्शन फ्री असले तरी काही टूल्स व फिल्टर्स साठी तुम्हाला पेड VSCO membership subscription ची आवश्यकता भासू शकते ..
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*5) Afterlight 2* ($3)
Afterlight Collective, Inc या कंपनीने विकसित केलेले Afterlight 2 हे पेड ऍप सुद्धा आज मोबाईल फोटो एडिटिंग साठी एक परिपूर्ण ऍप म्हणून नावाजले जाते, फोटो एडिटिंग साठी ऍडजस्टमेन्ट टूल्स, फिल्टर्स, टेक्श्चर्स, फ्रेम्स, क्रॉपिंग व ट्रान्सफॉर्मिंग टूल्स अश्या विविध फीचर्स ने समृद्ध असलेले Afterlight 2 RAW फिले फॉरमॅट सुद्दा सपोर्ट करते, वर नमूद केल्या प्रमाणे Afterlight 2 हे पेड ऍप आहे..
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*6) Lens Distortions* (Free, Optional In-App Subscription)
Lens Distortions हे फोटो एडिटिंग ऍप त्यातील इफेक्ट्स साठी ओळखले जाते, मल्टिपल लेयर्स चा वापर करून देता येऊ शकणारे लाईट लीक, फ्लेयर्स, क्लाउड्स या सारखे अत्यंत रियलस्टिक इफेक्ट्स वापरून करता येऊ शकणार अतिशय क्रिएटीव्ह फोटो एडिटिंग हि Lens Distortions ची खासियत आहे, बेसिक व्हर्शन फ्री आहे पण काही प्रीमियम टूल्स व फिल्टर्स साठी 3 ते 5 डॉलर्स (अंदाजे 225 ते 380 रुपये) मोजण्याची गरज भासू शकते..
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*7) PicsArt* (Free, Optional In-App Purchases)
जर तुम्हाला फोटो ला 'रिमिक्स' करायचे असेल तर PicsArt तुमच्यासाठी 'परफेक्ट ऍप' साबित होऊ शकते, PicsArt ला फोटोशॉप व पेंट चे कॉम्बिनेशन असेही संबोधले जाते, यात तुम्ही फोटो एडिटिंग तर करू शकताच सोबत त्याला टेक्स्ट, स्टिकर्स, स्पार्कल, ड्रॉईंग टूल्स,फेस एडिट, फेस स्वॅप सारखे टूल्स वापरून तुमच्या आवडीचे 'एकदम हटके' रिमिक्स सुद्धा करू शकता..
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*8) PhotoDirector* (Free, Optional In-App Purchases)
कॉम्प्युटर सॉफ्टवेअर क्षेत्रातील एक नावाजलेली कंपनी CyberLink द्वारा विकसित PhotoDirector हे एक 'ऑल राऊंडर' मोबाईल फोटो एडिटिंग ऍप समजले जाते, फोटो री-टच, फोटो ऍनिमेशन, ऑब्जेक्ट क्लोनिंग, सेल्फी एडिटर, मॅजिक ब्रश, व्हाईट बॅलन्स करेक्टर, रेड आय रिमूव्हर, HDR, विग्नेट यांच्या सारखे ऍडव्हान्स टूल्स व फिल्टर्स बनवतात PhotoDirector ला एल परिपूर्ण मोबाईल फोटो एडिटिंग ऍप
*डाउनलोड लिंक -* https://play.google.com/store/apps/details…
तर हे होते मोबाईल प्लॅटफॉर्म वरचे काही सर्वाधिक वापरले जाणारे फोटो एडिटिंग ऍप्स, यांच्या व्यतिरिक्त तुमचे इतर कुठले फेव्हरिट फोटो एडिटिंग ऍप्स असतील तर नक्कीच शेअर करा..
© *शकील शेख, सातारा..*
*Mob. - 9822187905*

अजान आहे तरी काय?


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माझ्या कालच्या अजान आणि लाऊडस्पीकर या लेखाला मोठा प्रतिसाद मिळाला. तसा हा लेख तीन वर्षांपूर्वीचा होता. सोनू निगमने उपस्थित केलेल्या अजानच्या वादावर लिहिला होता. यावेळेस होता तसाच पोस्ट केला. लेखाला या वेळेसही अभूतपूर्व प्रतिसाद भेटला. सोबतच हा प्रश्नही विचारण्यात आला की अजान आहे तरी काय? तर आजच्या या लेखामध्ये आपण अजान काय असते हे समजून घेऊयात. ज्यांना लाऊड स्पीकरचा मुद्दा हवा आहे, त्यांनी मागील लेख वाचवा.
अजान काय आहे?
अजान नमाजसाठी दिली जाणारी हाक आहे. जेव्हा नमाजची वेळ होते, तेव्हा मस्जिदीमध्ये लोकांनी नमाज अदा करण्यासाठी यावे म्हणून अजान दिली जाते. प्रत्येक धर्मस्थळाच्या लोकांना बोलाविण्याच्या आपल्या काही पद्धती असतात, इस्लाममध्ये अजानची पद्धत वापरण्यात आली आहे. म्हणजे एक व्यक्ती मस्जिदीत उभे राहून इतरांना हाक देतो आणि त्याच्या हाकेवर नमाज अदा करण्यासाठी लोक एकत्र येतात. ही अजान दिवसातून पाच वेळेस दिली जाते. याशिवाय इतर कारणांनीही अजान दिली जाऊ शकते. त्याबद्दल स्वतंत्र लेखात चर्चा करूयात.
अजानची पद्धती:
अजानची ही पद्धत आजपासून ४००० वर्षे जुनी आहे. याचा उल्लेख कुरआनात आला आहे. अल्लाहच्या आदेशाने जेव्हा प्रेषित इब्राहीम [अलै.] यांनी काबागृहाची पुनर्बांधणी केली, तेव्हा अल्लाहच्या आदेशानुसार लोकांना बोलाविण्यासाठी अजान दिला. ही मानवी इतिहासातील पहिली अजान होती. अल्लाहने या अजानचा मान राखला आणि जगभरातून लाखो लोक दरवर्षी हज करण्यासाठी मक्केकडे कूच करू लागले. ही परंपरा मागील ४००० वर्षांपासून अखंडितपणे चालू आहे. मात्र कालांतराने या अजानचा लोकांना विसर पडला. तेव्हा आजपासून १४०० वर्षांपूर्वी सहकारी उमर [रजि.] यांच्या शिफारशीवर अल्लाहचे अंतिम प्रेषित मुहम्मद [स.] यांनी पुनर्स्थापना केली. नमाजसाठी हाक देण्यासाठी याच पद्धतीची निवड केली आणि नव्या शब्दांसह ही अजान देण्याचा आदेश सहकारी बिलाल [रजि.] यांना दिला. बिलाल [रजि.] यांनी दिलेली अजान आजपर्यंत जगाच्या कानाकोपऱ्यापर्यंत पोहोचविण्याचे काम अखंडपणे दिवसातून पाच वेळेस केले जात आहे. मागील १४०० वर्षांत या कार्यात एकही वेळेचा खंड पडलेला नाही.
काय आहेत अजानचे शब्द?
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर
अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लल्लाह
अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लल्लाह
अशहदु अन्न मुहम्मदुर रसूलल्लाह
अशहदु अन्न मुहम्मदुर रसूलल्लाह
हय्या अलस्सलाह
हय्या अलस्सलाह
हय्या अलल फलाह
हय्या अलल फलाह
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर
ला इलाहा इल्ललाह
हे अजानचे शब्द आहे. जगभरात कोठेही जा. अमेरिका असो की आफ्रिका, आशिया असो की ऑस्ट्रेलिया, युरोप असो की रशिया, जपान असो की चाईना संपूर्ण जगात अजानचे हेच शब्द लोकांच्या कानावर पडत आहेत. दररोज, दिवसातून पाच वेळेस, प्रेषित मुहम्मद [स.] यांच्या १४०० वर्षांनंतरही. जसेच्या तसे. एखाद्या महापुरुषाच्या शिकवणीचे इतके काटेकोरपणे जतन करण्याचे दुसरे उदाहरण मानवी इतिहासात शोधूनही सापडत नाही. हीच ती अजान आहे, जी प्रेषितांच्या आदेशाने दिली गेली आणि हीच ती अजान आहे जी तुम्ही तुमच्या मोहोल्ल्याच्या मस्जिदीत रोज ऐकता.
काय आहे या शब्दांचा अर्थ?
आता आपण अजानच्या या शब्दांचा अर्थ समजून घेण्याचा प्रयत्न करूयात. सविस्तर चर्चा करता येणार नाही. परंतु संक्षिप्तपणे जास्तीत जास्त आपल्यासमोर मांडण्याचा प्रयत्न मी करणार आहे.
अल्लाहु अकबर – म्हणजे या सृष्टीचा निर्माता, रचयिता, पालनकर्ता महान आहे. अजानमध्ये हे शब्द सहा वेळेस उच्चारले जातात. चार वेळेस सुरुवातीला तर दोन वेळेस शेवटी.
अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लल्लाह – म्हणजे मी साक्ष देतो की एकमात्र पालनकर्त्याशिवाय अन्य कोणीच पूजनीय नाही. तोच एकमात्र उपास्य आहे. हेच सर्वधर्मीय सत्य आहे, तत्व आहे. हे शब्द अजानमध्ये दोन वेळेस उच्चारले जातात.
अशहदु अन्न मुहम्मदुर रसूलल्लाह – मी साक्ष देतो की मुहम्मद [स.] पालनकर्त्याचे प्रेषित आहेत. हे शब्द अजानमध्ये दोन वेळेस उच्चारले जातात.
हय्या अलस्सलाह – म्हणजे लोकहो, नमाज अदा करण्यासाठी या. हे शब्ददेखील अजानमध्ये दोन वेळेस उच्चारले जातात.
हय्या अलल फलाह – म्हणजे लोकहो, मरणोत्तर जीवनातील सफलतेकडे या. हे शब्ददेखील अजानमध्ये दोन वेळेस उच्चारले जातात.
ला इलाहा इल्ललाह – म्हणजे एकमात्र पालनकर्त्याशिवाय अन्य कोणीच पूजनीय नाही.
या व्यतिरिक्त अजानमध्ये इतर शब्दांची वाढ केली जाऊ शकते, परंतु काहीच कमी करता येत नाही. शब्दांची वाढ प्रसंगानुरूप केली जाऊ शकते. जशी पहाटेच्या अजानमध्ये ‘अस्सलातु खैरन मिनन नौम’ म्हणजे नमाज तुमच्या साखरझोपेपेक्षा जास्त लाभदायक आहे, या शब्दांची वाढ केली जाते. मुसळधार पावसाच्या वेळी ‘सल्लू फी रिहालिकुम’ म्हणजे लोकहो आहे तिथेच नमाज अदा करा, या शब्दांची वाढ केली जाते. बिकट प्रसंगी ‘सल्लू फी बुयुतिकुम’ म्हणजे लोकहो तुमच्या घरातच नमाज अदा करा, या शब्दांची वाढ केली जाते. या कोरोनाच्या कालावधीत आम्ही मस्जिदीत ‘सल्लू फी बुयुतिकुम’ ची वाढ करूनच अजान देत आहोत.
अजानमध्ये हिंदुविरोधी शब्द आणि घोषणा आहे काय?
अनेक सामान्य हिंदूंचा असा गैरसमज आहे की अजानमध्ये हिंदूविरोधी घोषणा दिल्या जातात. मुळात हा निव्वळ गैरसमज आहे, ज्याचा वास्तवाशी काहीच संबंध नाही. अजान जगभरात दिली जाते. मुस्लिम राष्ट्रांतही याच शब्दात दिली जाते. जगभरात अन्यत्र हिंदू नाहीत. तर मुस्लिम राष्ट्रांत तर बहुसंख्य मुस्लिमच आहेत. तेव्हा हा गैरसमज निव्वळ एक भ्रम आहे. अजानमध्ये कोणत्याच धर्मसमुदायाचा अपमानही केला जात नाही की घोषणाही दिल्या जात नाहीत. अजानचा उद्देश केवळ लोकांना नमाजची आमंत्रित करणे इतकाच असतो.
कोण देऊ शकतो अजान?
प्रत्येक ती व्यक्ती अजान देऊ शकते, ज्याला अजानचे शब्द मुखोद्गत आहेत. मी अगदी लहानपणापासून मस्जिदीत अजान देत आलोय. माझ्या जीवनातील पहिली अजान मी वयाच्या ६ व्या वर्षी दिली होती. जेव्हा मी पहिली वर्गात शिकत होतो. अगदी सहा वर्षाच्या बालकापासून साठ वर्षाच्या म्हाताऱ्यापर्यंत कोणीही अजान देऊ शकतो. तसेच अजान केवळ मस्जिदीतच दिली जाऊ शकते असेही नाही. तुम्ही जेथे नमाज अदा करीत आहात, तेथे लोकांना बोलाविणे अपेक्षित आहे तर तुम्ही अजान देऊ शकता. आम्ही मित्र जेव्हाही फिरायला जातो, तेव्हा नमाजची वेळ झाली की अजान देऊ नमाज अदा करतो. अजानचा आवाज एकूण जवळ असलेला एखादा मुस्लिम येऊन सामील होतो.
अजानशिवाय नमाज होत नाही का?
व्यक्तिगत नमाजसाठी अजान अनिवार्य नाही. मात्र सामुहिक नमाजसाठी अनिवार्य आहे. सामुहिक नमाज अजान दिल्याशिवाय होऊ शकत नाही. म्हणून सामुहिक नमाज अदा करण्यापूर्वी अजान देणे बंधनकारक आहे.
ज्यांची अजान ऐकण्याची इच्छा आहे, त्यांच्यासाठी
https://www.youtube.com/watch?v=_dEc0RM8ndY
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#इस्लाम_मुस्लिम_गैरसमज
© Mujahid Shaikh
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(टीप – जर तुम्हाला सदरील लेख उपयुक्त वाटत असेल तर हा लेख तुम्ही तुमच्या किंवा तुमच्या संस्थेच्या नावाने प्रकाशित करू शकता. सदरील लेखात लाभदायक फेरबदल करण्याची, मूळ मजकूर बदलण्याची खुली परवानगी लेखकातर्फे देण्यात येत आहे. हा लेख आहे तसा किंवा तुम्हाला अपेक्षित असलेल्या बदलांसह तुमच्या नावाने छापून समाज जागृतीच्या कार्यात आपला सहभाग नोंदवा.)

Tuesday, May 12, 2020

रमजान चे महत्व




पेट घेई धर्माचे युद्ध 
रक्त सांडले भूवरी 
सांगा पाहू रक्ताचा 
कोणता धर्म त्यावरी

मुसल्ली - मुल - इस्लाम 
हाच त्यांचा खरा अर्थ 
रमजान चा महिना सण पवित्र 
सुटे रोजा चंद्र दर्शन जाण मर्म 

जन्म माणूस देवाची देणगी 
धर्म शिकवी ईश्वर अल्ला 
मग माणूस का करती
जातिभेदाचा कल्ला 

दिन दुबळ्यांना दान
धर्म जकात सांगतो
राम रहीम प्रेमाचे गोडवे गातो
पवित्र कुराणाचा संदेश ऐकतो

रोजे रमजानचे 
मुस्लिमांचे पर्व 
विसरून जाती भेद
राहु एकोप्याने सर्व 

सौ. रोहिणी अमोल पराडकर 
    कोल्हापूर.

जकातचे इस्लाम धर्मातील स्थान काय आहे?



जकात एक उपासना असून इस्लाम धर्माचा महत्वाचा स्तंभ आहे. प्रेषितांचे सहकारी अब्दुल्लाह बिन उमर [रजी] म्हणतात, अल्लाहचे प्रेषित मुहम्मद [स.] म्हणाले, इस्लामचे पाच स्तंभ आहेत - १] अल्लाहच्या एकत्वाची आणि मुहम्मदांच्या प्रेषितत्वाची साक्ष देणे, २] नमाज अदा करणे, ३] जकात अदा करणे, ४] रमजानच्या रोजांचे पालन करणे आणि ५] अल्लाहच्या उपासनागृहाचा हज करणे. [बुखारी, किताबुल इमान, कथन ८]
इस्लाममध्ये अल्लाहच्या उपासनेच्या काही पद्धती निर्धारित करण्यात आल्या आहेत. नमाज, रोजा, जकात, हज, कुर्बानी आणि उमरा या अल्लाहच्या उपासना पद्धती आहेत. यापैकी एकही उपासना जाणीवपूर्वक नाकारणारी व्यक्ती मुस्लिम असू शकत नाहीत. प्रत्येक मुस्लिम व्यक्तीवर अल्लाहची उपासना करणे अनिवार्य आहे. नमाज आणि रोजा शारीरिक आणि मानसिक उपासना आहेत तर जकात एक आर्थिक उपासना आहे. हज, उमरा आणि कुर्बानी समर्पणभाव व्यक्त करणाऱ्या प्रतिकात्मक उपासना आहेत.
या उपासना अल्लाहच्या आदेशानुसार आपल्या मूळ स्वरूपात अदा केल्या जातील. उपासनांपैकी एकाचेही स्वरूप बदलण्याचा अधिकार अल्लाहशिवाय अन्य कोणालाच नाही. जकात ही आर्थिक उपासना अल्लाहच्या आदेशाने त्याच प्रकारे केली जाईल, ज्याप्रकारे अदा करण्याचा आदेश अल्लाहने दिला आहे.